TRAINING OF SELF DEFENCE FOR FEMALE STAFF
महिला स्टाफ के लिए सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग घुटनों से वार करना, हाथों से हमला रोकना सिखाया
रॉय एमएमए एकेडमी व अपोलो सेज हॉस्पिटल की ओर से बुधवार को फीमेल हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए मिक्स्ड मार्शल आर्ट सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप का आयोजन हुआ। इसका उद्देश्य महिलाओं को मानसिक व शारीरिक रूप से मजबूत बनाना था। एचआर हेड जागृति रायजादा ने बताया कि हॉस्पिटल में 50% स्टाफ महिलाएं हैं। उन्हें कई बार गुस्साए हुए मरीजों या उनके परिजनों से जूझना पड़ता है। हॉस्पिटल में किसी भी तरह की छेड़छाड़ के लिए जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। फिर भी सुरक्षा के लिए यह ट्रेनिंग जरूरी है। उन्होंने कहा- यह ट्रेनिंग न सिर्फ हॉस्पिटल में, बल्कि बाहर भी महिलाओं को सुरक्षित रहने में मदद करेगी।
इस ट्रेनिंग से आत्मरक्षा का महत्व समझ आया : गायत्री
वर्कशॉप में रॉय एमएमए एकेडमी के को-फाउंडर वरुण और रेबेका रॉय ने ट्रेनिंग दी। महिला स्टाफ को दो-दो के समूह में बांटा गया। उन्हें घुटनों से वार करना, हाथों से शरीर की सुरक्षा करना और कोहनी से हमला रोकने जैसी तकनीकें सिखाई। 23 साल की नर्स गायत्री साहनी ने कहा- मेडिकल फील्ड में महिलाओं को कई बार अनजान हालातों का सामना करना पड़ता है। इस ट्रेनिंग से आत्मरक्षा का महत्व समझ आया। रेबेका रॉय ने कहा- मेडिकल प्रोफेशनल्स हमारी सेहत का ध्यान रखते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा कौन करता है। मिक्स्ड मार्शल आर्ट मजबूती के लिए भी जरूरी है।

