LAUNCH OF ADVANCED HEART AND LUNG LANTOLINC AT APOLLO SAGE
अपोलो सेज अस्पताल में फेफड़ा प्रत्यारोपित कर 72 वर्षीय मरीज को दिया नया जीवन
भोपालः राजधानी के अपोलो सेज हास्पिटल्स के डाक्टरों ने आधुनिक एक्मो तकनीक का उपयोग कर पल्मोनरी फाइब्रोसिस (फेफड़ों का पत्थर जैसा सख्त होना) से जूझ रहे 72 वर्षीय राधेश्याम रघुवंशी को नई जिंदगी दी है। गंभीर स्थिति में अस्पताल लाए गए मरीज के फेफड़े पूरी तरह काम करना बंद कर चुके थे, जिन्हें आधुनिक मशीनी सपोर्ट से स्थिर किया गया और फिर एयरलिफ्ट कर चेन्नई में उनका सफल फेफड़ा प्रत्यारोपण (लंग ट्रांसप्लांट) कराया गया।
पल्मोनोलाजिस्ट डा. खुशबू सक्सेना ने बताया कि जब फेफड़े आक्सीजन सोखना बंद कर देते हैं, तब एक्मो मशीन एक 'कृत्रिम फेफड़े' की तरह काम करती है। यह शरीर के बाहर खून को साफ कर उसमें आक्सीजन मिलाती है। मरीज की हालत इतनी नाजुक थी कि उन्हें बिना इस तकनीक के हिलाना डुलाना भी संभव नहीं था। एक्मो की मदद से उन्हें ट्रांसप्लांट के लिए तैयार किया जा सका।
राधेश्याम रघुवंशी ने बताया कि एक वक्त ऐसा आया था जब सांस लेना दूभर हो गया था। मुझे लगा था कि अब सब खत्म हो गया है। लेकिन डाक्टरों ने जिस तरह हिम्मत दी और मशीनी सपोर्ट पर रखकर मुझे चेन्नई पहुंचाया, वह मेरे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। आज मैं फिर से खुलकर सांस ले पा रहा हूं। अब भोपाल में ही मिलेगी चेन्नई के विशेषज्ञों की सुविधा : सीईओ धनंजय कुमार ने बताया कि अब मध्य भारत के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों में नहीं जाना होगा। अपोलो हास्पिटल्स चेन्नई की विशेषज्ञ ट्रांसप्लांट टीम अब नियमित रूप से भोपाल में उपलब्ध रहेगी। जल्द ही यहां 'एडवांस्ड हार्ट एंड लंग फेल्योर क्लिनिक' की शुरुआत होने जा रही है, जिससे मरीजों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
यह सफलता हमारी टीम के तालमेल का परिणाम है। हमारा उद्देश्य गंभीर मरीजों को केवल उपचार देना ही नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ बेहतर जीवन जीने का अवसर प्रदान करना है।
-एआर. शिवानी अग्रवाल एमडी, सेज
हमारा विजन सेंट्रल इंडिया में एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है. जहां ट्रांसप्लांट मेडिसिन और एक्मो जैसी सुविधाएं हर जरूरतमंद की पहुंच में हों। हम तकनीक व विशेषज्ञता के मेल से मृत्यु दर को कम करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।
-डा. सुनील यादव, विशेषज्ञ अपोलो सेज हास्पिटल्स ।

