DIAGNOSIS AND TREATMENT OF LUNG DISEASES AVAILABLE AT APOLLO SAGE HOSPITAL
अपोलो सेज हॉस्पिटल में फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों की जांच और उपचार उपलब्ध
भोपाल | टीबी (क्षय रोग) का इलाज पूरा होने के बाद जहां ज्यादातर लोग खुद को स्वस्थ मान लेते हैं, वहीं कई मरीजों के लिए असली संघर्ष तब शुरू होता है। भोपाल की दुर्गा तीन बार टीबी का इलाज करा चुकी हैं, लेकिन अब पोस्ट-ट्यूबरकुलर लंग डिजीज से जूझ रही हैं। इलाज पूरा होने के बावजूद दुर्गा को सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द और लगातार थकान जैसी परेशानियां बनी रहती हैं। डॉक्टरों के अनुसार, यह स्थिति टीवी के बाद फेफड़ों में हुए स्थायी नुकसान के कारण होती है, जो आगे चलकर सीओपीडी, एमफायसीमा और क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियों का रूप ले सकती है। अपोलो सेज हॉस्पिटल में फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों जैसे टीबी, अस्थमा, सीओपीडी और स्लीप डिसऑर्डर के लिए उन्नत जांच और उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं।

