COMA PATIENT GETS A NEW LEASE OF LIFE AFTER 36 HOURS AT APOLLO SAGE HOSPITAL
अपोलो सेज हास्पिटल में 36 घंटे बाद कोमा मरीज को मिला नया जीवन
भोपालः अपोलो सेज हास्पिटल, भोपाल में एक 52 वर्षीय पुरुष मरीज पर की गई जटिल ब्रेन सर्जरी सफल रही। मरीज को ब्रेन स्ट्रोक की गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकीय जांच में पाया गया कि मरीज के दिमाग की मुख्य नस बेसिलर आर्टरी पूरी तरह बंद हो चुकी थी, जिससे मरीज कोमा में चला गया और उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मरीज में स्ट्रोक के लक्षण शुरू हुए लगभग 36 घंटे बीत चुके थे, जिससे इलाज की संभावनाएं बेहद कम थीं। इसके बावजूद न्यूरोलाजिस्ट डा. जस्टिन धामस एवं उनकी मेडिकल टीम ने ब्रेन स्कैन के आधार पर मरीज में मैकेनिकल श्राम्बेक्टामी करने का निर्णय लिया। आपरेशन के 48 घंटे के भीतर मरीज को होश आ गया और उसमें न्यूरोलाजिकल सुधार के संकेत दिखाई देने लगे। चारों अंगों में लकवे की स्थिति में सुधार हुआ और मरीज हाथ-पैर हिलाने लगा। बाद में मरीज वेंटिलेटर से हटा दिया गया।
डाक्टरों के अनुसार, समय सीमा से अधिक बीत जाने के बावजूद सटीक मेडिकल निर्णय और आधुनिक तकनीक के उपयोग से मरीज की जान बनाई जा सकी। फिलहाल मरीज की स्थिति स्थिर है और वह तेजी से स्वास्थ्य लाभ की ओर अग्रसर है। अपोलो सेज हास्पिटल्स प्रबंधन ने बताया कि अस्पताल में हाई-टेक इमरजेंसी सेवाएं, उन्नत न्यूरो सर्जरी सुविधाएं और अनुभवी चिकित्सकों की टीम उपलब्ध है। इन्हीं कारणों से अब सेंट्रल इंडिया में जटिल इलाज के लिए मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं रह गई है।

