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ApolloSage Hospitals WHAT ARE THE REASONS FOR DELAY IN PERIODS SOME TIPS WILL SOLVE THE PROBLEMS

WHAT ARE THE REASONS FOR DELAY IN PERIODS SOME TIPS WILL SOLVE THE PROBLEMS

पीरियड्स में देरी के क्या हैं कारण? इन उपायों से होंगी सारी समस्याएं दूर

पीरियड्स में देरी के क्या हैं कारण? इन उपायों से होंगी सारी समस्याएं दूर

हम महिलाओं को जब भी पीरियड्स में देरी होती है तब हम प्रेग्नेंसी फेज में होने की खुद ही खुद से खुद की धारणा बना लेते हैं। लेकिन हर बार पीरिड्स में देर होने का कारण प्रेग्नेंसी नहीं होती। इस भम्र को हम जितनी जल्दी अपने दिमाग से निकाल लें हमारे लिए उतना अच्छा रहेगा। भविष्य में होने वाली कई जटिल स्वास्थ्य समस्याओं से खुद को बचा पाएंगे। क्योंकि यह एक बहुत बड़ा सच है कि माहवारी में लेट होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसके कारण हर महिला में उनके शरीर अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। पीरियड हार्मोनल असंतुलन या मेनोपॉज में संक्रमण के कारण भी महावारी में देर हो सकती है। सामान्यत: एक नार्मल पीरियड साइकिल 28 दिनों तक चलती है और नियमित पीरियड में 38 दिन तक की देरी हो सकती है। 38 दिनों के बाद यदि पीरियड देर से आते हैं, तो इसे देर से आने वाली अवधि मानी जाती है। अगर आप भी पीरियड देर से आने के कारणों के बारे में जानना चाहती हैं, तो ये ब्लॉग जरूर पढ़े!

विषयसूची

  1. पीरियड में देरी के लक्षण? 
  2. इन डाइट को फूड हैबिट में करें शामिल
  3. प्रेग्नेंसी होने की आशंका होने पर माहवारी जल्दी लाने के नुकसान
  4. पीरियड्स जल्दी लाने की दवाइयां
  5. नियमित पीरियड्स के लिए आराम करना आवश्यक है 
  6. डॉक्टर की सलाह कब लें?
  7. निष्कर्ष 
  8. समस्या से संबंधित सवाल

पीरियड में देरी के लक्षण 
 

  • 1. प्रेग्नेंसी

महिलाओं के प्रेग्नेंट होने पर पीरियड्स रुक जाते हैं, क्योंकि फीटस को पोषण देने के लिए गर्भाशय की परत मोटी हो जाती है, जबकि जब गर्भावस्था नहीं होती हैं, तो गर्भाशय की परत ब्लड के रूप में बहती है, इसे ही पीरियड्स कहा जाता है।

  • 2. बर्थ कंटोल की गोलियां

बर्थ कंट्रोल की गोलियां पीरियड में देरी या परेशानी का कारण बन सकती हैं, जिसे विड्रॉल ब्लीडिंग भी कहा जाता है। इसके अलावा, गर्भनिरोधक गोली में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन होता है, जो गर्भावस्था को रोकता है जिससे आसानी से पीरियड्स फ्लो हो जाता है।

  • 3. टीनीएजर्स फेज

जिन लड़कियों को अभी-अभी पीरियड आना शुरू हुए हैं, उन्हें देर से पीरियड आने की परेशानियों से जूझना पड़ सकता है। बॉडी को हर महीने रेगुलर माहवारी चक्र को बैलेंस करने में टाइम लगता ही है।

  • 4. बॉडी क्लॉक में बदलाव

बॉडी क्लॉक के बदलने से पीरियड साइकिल में बाधा आ सकती है।  रेगुलर ट्रैवलिंग, अनिद्रा, काम की शिफ्ट इन कारणों से बॉडी क्लॉक बदल ही जाता है। जिस कारण पीरियड्स में कोई बड़ा बदलाव नहीं आता, लेकिन पीरियड्स डेट में थोड़ा बदलाव होता ही है इस वजह से संभावित  डेट से  देर से पीरियड हो सकती है।

 

  • 5. मोटापा

शरीर का लो वेट पीरियड  में देरी का कारण बन सकता है, वहीं शरीर का अधिक वजन भी अनियमितताओं का कारण बन सकता है। अधिक मोटापे की वजह से एस्ट्रोजन की अधिकता पैदा होती है, जो पीरियड साइकिल में बाधा डालता है साथ ही महावारी को रोक भी सकता है।

  • 6. PCOS  (पॉलीसिस्टिक सिंड्रोम)

PCOS ओवरी की एक परेशानी है, जो ओव्यूलेशन प्रोसेस में रुकावट पैदा करती है। इस सिंड्रोम में महिलाओं को आमतौर पर देर से पीरियड्स, अनियमित पीरियड्स और कम पीरियड्स आते हैं।

PCOS में कई अन्य परेशानियां भी होती हैं-

  • बालों का पतला होना
  • कील-मुंहासें
  • गर्दन का काला पड़ना
  • चेहरे पर बाल आना
  • वजन कम करने में परेशानी और असामान्य  रुप से वजन बढ़ना
  • पेट में अत्यधिक फैट जमा होना
  • 7. स्ट्रेस

काम, परिवार, वर्क कल्चर, वर्क प्रेशर ऐसी कुछ रोजमर्रा की बातें हैं जो हमें तनाव में ला सकती हैं। जिससे  दिमाग थक जाता है। इससे कई हेल्थ प्रॉब्लम उत्पन्न होते हैं। स्ट्रेस पीरियड में देरी होने का एक प्रमुख कारण है।  

  • 8. डायबिटीज और थायरॉइड 

थायरॉइड और डायबिटीज पीरियड में बाधा डाल सकते हैं, क्योंकि थायरॉइड ग्लेैंड्स के माध्यम से निकलने वाले हार्मोन पीरियड की शुरुआत को रोकते हैं। थायराइड हार्मोन में इम्बैलेंस की वजह से भी पीरियड्स आने में देर हो सकती है।

इन डाइट को फूड हैबिट में करें शामिल

कुछ ऐसे फूड हैब्टि्स हैं जिन्हें रेगुलर डाइट में शामिल किया जाए, तो पीरियड साइकिल ठीक बना रहता है.

  • 1. अनानास

अनानास को पीरियड्स-फ्लो बढ़ाने वाला फल माना जाता है। इसमें ब्रोमेलैन होता है, जो गर्भाशय की परत को नरम करता है और पीरियड्स को तेज रुप से संचालित करता है।

  • 2. हल्दी

हल्दी में एंटी-स्पास्मोडिक गुण होते हैं जो गर्भाशय में लाइनिंग छोड़ने का संकेत देते हैं, जिससे बड़ी आसानी से ब्लड फ्लो बढ़ जाता है। हल्दी पहले से ही डाइट फूड के मामले में सबसे ज्यादा हेल्पफुल है।

  • 3. पपीता

कच्चे और पक्के दोनों पपीतों को खाकर शरीर में पीरियड बैलेंस की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है। हमारी माताएं और दादी-नानी गर्भवती होने पर पपीता न खाने के बारे में बात करती थीं, क्योंकि पपीता एस्ट्रोजन से भरपूर होता है, जो पीरियड की शुरुआत बड़ी आसानी से कर देता है।

  • 4. दालचीनी

अदरक और गुड़ की तरह दालचीनी में भी गर्मी पैदा करने वाले गुण होते हैं, जो पीरियड्स साइकिल को रेगुलर कर देते हैं।

  • 5. गुड़

आमतौर पर हम सर्दियों के दौरान गुड़ खाते हैं, क्योंकि इसमें गर्मी पैदा करने वाले गुण होते हैं, जो पीरियड्स को रेगुलर साइकिल देने के लिए वरदान के रूप में काम करते हैं। साथ ही गुड़ में आयरन होता है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाता है।

  • 6. अदरक

अदरक में पीरियड्स को प्रेरित करने वाले गुण होते हैं साथ ही पीरियड साइकिल को उत्तेजित करने वाले गुण भी होते हैं, जिससे शरीर में गर्मी बढ़ती है और जिसकी मदद से पीरियड साइकिल बेहतर होता है।

प्रेग्नेंसी होने की आशंका होने पर माहवारी जल्दी लाने के नुकसान

पीरियड्स मिस होने के कारण कई महिलाओं को यह लगता हैं कि वे प्रेगनेंट हो गई हैं। इस स्टेज में जब उन्हें प्रेगनेंसी से बचना होता है तो वे पीरियड्स जल्दी लाने की कोशिश करती हैं। ऐसा जानबूझकर किया जाए या अनजाने में दोनों ही स्थिति में यह नुकसानदायक साबित होता है।
अगर पीरियड्स मिस हो गए हैं और किसी कारणवश इसे जल्दी लाना है तो कुछ भी करने से पहले डॉक्टर से मिले जरूर। अगर आपको ऐसा लग रहा कि प्रेग्नेंसी के कारण पीरियड्स लेट हुए हैं तब भी खुद से कोई दवाई न लें। अगर आप दवाई लेती हैं तो जरूरी नहीं कि मिसकैरेज हो  ही जाए। ऐसी स्थिति में मेडिसीन पिल्स लेने से आपको काफी परेशानीओं का सामना करना पड़ सकता है। गर्भपात के दौरान हेवी ब्लीडिंग हो सकती है, जिससे एनीमिया और दूसरी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। प्रेगनेंसी को रोकने के कई तरीके हैं, लेकिन इसे रोकने के लिए अपने मन के अनुसार कुछ भी करना खतरनाक साबित हो सकता है। अगर आप पहले ही प्लान बना चुकी हैं कि, आपको गर्भधारण नहीं करना है तो इस स्थिति में आपको डॉक्टर के साथ परामर्श करने के बाद ही किसी भी प्रकार की दवा का सेवन करना चाहिए।  साथ ही कभी भी पीरियड्स गैप को प्रेग्नेंसी समझने की गलती ना करें। प्रेग्नेंसी के शुरूआती लक्षण होते हैं, जिनकी मदद से आप अपने गर्भाधारण फेज को  क्लीयर कर सकती हैं। पीरियड्स मिस होने से पहले भी प्रेग्नेंसी के लक्षण दिखाई देते हैं। इसलिए किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

रेजेस्ट्रोन 5mg टैबलेट मेंस्ट्रुअल प्रॉब्लम्स की कई समस्याओं से देता है राहत

पीरियड्स जल्दी लाने के लिए बाजार में कई दवाइयां उपलब्ध हैं। लेकिन किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही करना चाहिए। अपोलो सेज हॉस्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपा वालिया लोकवानी मेंस्ट्रुअल प्रॉब्लम्स की कई समस्याओं से राहत पाने के लिए रेजेस्ट्रोन 5mg Tablet दवा के सेवन का सुझाव देती हैं। दर्दनाक, भारी या अनियमित पीरियड्स, प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस), और एंडोमेट्रिओसिस जैसी हर परेशानी के लिए यह टैबलेट कारगर साबित होता है। इस दवाई के सेवन करने से पीरियड्स जल्दी नहीं आते हैं, बल्कि पीरियड्स की तारीख आगे बढ़ जाती है। आमतौर पर पीरियड्स जल्दी लाने के लिए डॉक्टर हॉर्मोनल बर्थ कंट्रोल पिल्स निर्धारित हैं, क्योंकि इनका इस्तेमाल सुरक्षित होता है। डॉ. अनुपा वालिया लोकवानी से स्त्री रोग संबंधी हर समस्या का पता लगाने के लिए 0755-3505050 दिए गए नंबर व दिए गए वेबसाइट info@apollosage.in पर संपर्क किया जा सकता है।

रेगुलर पीरियड्स के लिए आराम बहुत जरूरी

वे महिलाएं जो किसी भी फिजिकल एक्टेविटी में तेज होती हैं जैसे-  लगातार एक्सरसाइज करती हों या किसी प्रकार के स्पोर्ट्स से जुड़ी हों, उन्हें सामान्यत पीरियड्स लेट से आते हैं। अगर पीरियड्स लेट आने का कारण अधिक एक्सरसाइज करना है तो कुछ दिनों के लिए आपको एक्सरसाइज को कम कर देना चाहिए। ध्यान देने वाली बात यह है कि आपको एक्सरसाइज पूरी तरह से बंद नहीं करना है। शरीर के साथ-साथ मानसिक रूप से भी आराम करना आवश्यक है। एक्सरसाइज करने से शरीर में रक्त का संचार संतुलित और तनाव दूर रहता है जिससे हार्मोन का बैलेंस बना रहता है, जो रेगुलर पीरियड्स के लिए बहुत जरूरी है। अगर आप पूरे दिन आराम करती हैं, तो आपको हल्का-फुल्का एक्सरसाइज करना ही चाहिए। पीरियड जल्दी लाने के लिए एक्सरसाइज की मदद से आप अपने शरीर में हार्मोन में संतुलन बना सकती हैं। अगर आप लगातार घंटों तक एक्सरसाइज करती हैं तो आपको अपने एक्सरसाइज को थोड़ा कम करने की जरूरत है।

डॉक्टर की सलाह कब लें? 

यदि आपको लंबे समय तक पीरियड में देरी का अनुभव होता है, तो  एकबार डॉक्टर से मिल लें। यदि आप सेक्सुअली एक्टिव हैं तो यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे गर्भधारण की संभावना हो सकती है। आपके पीरियड चक्र में अचानक बदलाव, अनियमितता, गंभीर दर्द या अधिक ब्लड फ्लो जैसे अन्य लक्षण के लिए भी चिकित्सकों की सलाह तो लेनी ही चाहिए। डॉक्टर संभावित कारणों जैसे हार्मोनल असंतुलन, PCOS, थायरॉइड  या अन्य मेडिकल स्थितियों का आकलन कर सकते हैं और उचित मार्गदर्शन और उपचार प्रदान कर सकते हैं।

निष्कर्ष 

जिन्हें भी पीरियड 28-38 दिनों के बीच देर से आते हैं, उनकी स्थिति सामान्य मानी जाती है, जबकि इससे देर से आना चिंता का विषय है। यदि आपके पीरियड्स में देरी हो रही है, तो आप अपोलो सेज हॉस्पिटल के स्त्री रोग विभाग में अपना इलाज करवा सकती हैं।

समस्या से संबंधित सवाल

  • 1.पीरियड में देरी अस्वस्थता की वजह से होती है?

पीरियड्स में देरी के कई कारण होते हैं और उनमें से एक है अधिक वजन या कम वजन। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपके शरीर का वजन स्वस्थ है या नहीं, डॉक्टर आपकी वजन की जांच कर सकते हैं। 

  • 2. गर्भावस्था के अलावा पीरियड्स देर से आने के और क्या कारण हैं?

तनाव, थायरॉयड, डायबिटीज जैसी मेडिकल स्थिति, नींद में खलल और बिगड़ा हुआ शेड्यूल पीरियड्स में देरी का कारण हो सकता है।

  • 3. क्या पीरियड में देरी से वजन बढ़ सकता है?

पीरियड्स देर से आने का वजन बढ़ने से कोई सीधा संबंध नहीं है। हम बढ़े हुए वजन को पीरियड्स में देरी का वैकल्पिक कारण मान सकते हैंं।

अपोलो सेज हॉस्पिटल के बारे में 

अपोलो सेज हॉस्पिटल एक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल है और पूरे क्षेत्र में रोगियों और उनके परिवारों द्वारा भरोसेमंद अग्रणी, प्रतिष्ठित और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में से एक है। यहां कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, आर्थोपेडिक्स, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, यूरोलॉजी, लिवर ट्रांसप्लांट, बोन मेरो  ट्रांसप्लांटेशन , नेफ्रोलॉजी , गायनोकोलॉजी और अन्य सहित सभी प्रमुख विभाग हैं। अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं और तकनीक से सुसज्जित है। यहां अत्यधिक योग्य और अनुभवी डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों की एक टीम है, जो रोगी को चौबीसों घंटे देखभाल प्रदान करते हैं।

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