TOTAL KNEE REPLACEMENT SURGERY
Total Knee Replacement Surgery in Bhopal, India
हमारे शरीर के अन्य अंगों की तरह घुटने भी हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चलना, दौड़ना, सीढ़ियां चढ़ना या यहां तक कि आराम से बैठना — इन सभी क्रियाओं में घुटनों का अहम योगदान है। लेकिन जब चोट, डीजेनेरेटिव बीमारी या उम्र के साथ घुटनों का नुकसान हो जाता है, तो साधारण-सी गतिविधियां भी कठिन और दर्दनाक हो सकती हैं। ऐसे में टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी कई लोगों के लिए जीवन बदल देने वाला विकल्प बन जाती है।
भारत में हर साल 2.5 लाख से अधिक लोग टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी करवाते हैं। यह प्रक्रिया सुनने में भले ही कठिन लगे, लेकिन यह दुनिया की सबसे सफल आर्थोपेडिक सर्जरी में से एक है, जो लंबे समय तक दर्द से राहत और जीवन की गुणवत्ता में सुधार देती है।
टोटल नी रिप्लेसमेंट क्या है?
टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी (जिसे नी आर्थ्रोप्लास्टी भी कहते हैं) में घुटने के क्षतिग्रस्त या बीमार हिस्सों को हटाकर उनकी जगह कृत्रिम जोड़ (इम्प्लांट) लगाए जाते हैं। ये इम्प्लांट आमतौर पर मेटल अलॉय, हाई-ग्रेड प्लास्टिक और पॉलिमर से बने होते हैं और प्राकृतिक घुटने की तरह काम करते हैं, जिससे दर्द कम होता है और गतिशीलता लौटती है।
यह सर्जरी आमतौर पर निम्न स्थितियों में की जाती है:
- गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस या रुमेटॉयड आर्थराइटिस (RA)
- बो-लेग्स या नॉक-नी जैसी विकृतियां
- घुटने की गंभीर चोटें
- लगातार दर्द और जकड़न, जिससे दैनिक कार्य प्रभावित हों
नी रिप्लेसमेंट सर्जरी के प्रकार
- 1. टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) – पूरे घुटने के जोड़ को बदलना।
- 2. पार्शियल नी रिप्लेसमेंट (PKR) – केवल क्षतिग्रस्त हिस्से को बदलना।
- 3. रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी – रोबोटिक तकनीक की मदद से अधिक सटीक इम्प्लांट पोज़िशनिंग और तेज़ रिकवरी।
टोटल बनाम पार्शियल नी रिप्लेसमेंट का चुनाव घुटने की क्षति, उम्र और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।
नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की उम्र सीमा
इस सर्जरी की कोई निश्चित उम्र सीमा नहीं है, लेकिन यह सबसे ज़्यादा 60–80 वर्ष की आयु में की जाती है। ज़रूरत पड़ने पर युवा और स्वस्थ बुज़ुर्ग भी इससे लाभ उठा सकते हैं।
टोटल नी रिप्लेसमेंट कब ज़रूरी होता है?
यदि आपके साथ ये समस्याएं हैं, तो आपटोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी के लिए उम्मीदवार हो सकते हैं:
- गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस या RA से होने वाला लगातार दर्द
- सीमित गतिशीलता, जिससे चलना-फिरना कठिन हो
- घुटने की विकृति और अस्थिरता
- दवाओं, इंजेक्शन या फिजियोथेरेपी का असर न होना
- नींद और जीवन की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव
सर्जरी की प्रक्रिया
प्रारंभिक चरण
- डॉक्टर पूरी प्रक्रिया समझाते हैं और आपका मेडिकल इतिहास लेते हैं।
- रक्त जांच और अन्य डायग्नॉस्टिक टेस्ट किए जाते हैं।
- सभी शंकाएं दूर कर के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जाते हैं।
सर्जरी के दौरान
- सामान्य एनेस्थीसिया दिया जाता है।
- घुटने में चीरा लगाकर क्षतिग्रस्त हड्डी और कार्टिलेज हटाई जाती है।
- मेटल और प्लास्टिक के बने कृत्रिम जोड़ लगाए जाते हैं।
- चीरे को टांकों या क्लिप से बंद कर पट्टी की जाती है।
सर्जरी के बाद
- रिकवरी रूम में निगरानी की जाती है।
- अस्पताल में आमतौर पर 3–5 दिन रुकना पड़ता है।
- 24 घंटे के भीतर टोटल नी रिप्लेसमेंट फिजियोथेरेपी शुरू की जाती है।
टोटल नी रिप्लेसमेंट रिकवरी टाइम
- सहारे से चलना: 24–48 घंटे में
- हल्के कार्य: 4–6 हफ्तों में
- पूरी रिकवरी: 3–6 महीने में
नी रिप्लेसमेंट के बाद व्यायाम
एक्सरसाइज बेहद ज़रूरी है, जैसे:
- क्वाड्रिसेप्स स्ट्रेंथनिंग
- स्ट्रेट लेग रेज़
- नी बेंड्स
- एंकल पंप्स
- धीरे-धीरे चलना
ये पेन आफ्टर नी रिप्लेसमेंट सर्जरी कम करते हैं और जल्दी रिकवरी में मदद करते हैं।
नी रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद आहार
- प्रोटीन युक्त आहार:अंडा, मछली, दालें
- कैल्शियम और विटामिन D:दूध, दही
- फाइबर युक्त भोजन:फल, सब्जियां
- एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स:हल्दी, अदरक
प्रोसेस्ड फूड, ज़्यादा चीनी और अल्कोहल से बचें।
नी रिप्लेसमेंट के बाद सोने का तरीका
- पीठ के बल सोएं और पांव के नीचे तकिया रखें
- घुटने के नीचे तकिया न रखें
- वेज पिलो से पैर को ऊंचा रखें
भारत में नी रिप्लेसमेंट की सफलता दर
भारत में घुटना प्रतिस्थापन की सफलता दर 95% से अधिक है। ज्यादातर मरीज दर्द से राहत और बेहतर गतिशीलता अनुभव करते हैं।
नी रिप्लेसमेंट कितने साल चलता है?
सही देखभाल के साथ आधुनिक इम्प्लांट 15–20 साल या उससे अधिक चलते हैं।
टोटल नी रिप्लेसमेंट की जटिलताएं
- संक्रमण
- खून के थक्के
- इम्प्लांट का ढीला होना
- लगातार दर्द या जकड़न
भारत में टोटल नी रिप्लेसमेंट की लागत
भारत में कुल घुटना प्रतिस्थापन लागत₹2 लाख से ₹4.5 लाख के बीच होती है। इसमें अस्पताल की सुविधाएं, इम्प्लांट का प्रकार, सर्जरी की जटिलता और सर्जन का अनुभव शामिल है।
निष्कर्ष
टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी गंभीर घुटने के दर्द और गतिशीलता की समस्या का एक सुरक्षित और प्रभावी समाधान है। सही सर्जन, बेहतर अस्पताल और उचित फिजियोथेरेपी के साथ मरीज अपना सक्रिय और दर्द-मुक्त जीवन वापस पा सकते हैं। भारत मेंसेज अपोलो अस्पताल अपने अनुभवी सर्जनों, आधुनिक तकनीक और बेहतरीन रोगी देखभाल के लिए इस क्षेत्र में अग्रणी नाम है।

