APOLLO SAGE HOSPITALS FIRST IN CARDIAC EMERGENCY
कार्डियेक इमरजेंसी में सबसे पहले अपोलो सेज हॉस्पिटल्स
उम्र 60-65 वर्ष होने पर कई बार लोगों के हार्ट का एओर्टिक वॉल्व (Aortic Valve) सुकड़ जाता है। एओर्टिक स्टीनॉसिस (Aortic Stenosis) नामक इस बीमारी में, हृदय से शरीर में रक्त के प्रवाह में रुकावट आती है। हार्ट में दबाव बढ़ने से सांस फूलने लगती है, सीने में दर्द या फिर बेहोशी हो सकती है। लक्षण आने पर दो-चार साल में मरीज की असमय मृत्यु का खतरा रहता है। सामान्यत इस स्थिति में मरीज की ओपन हार्ट सर्जरी कर वॉल्व बदलना पड़ता है। वृद्ध कमजोर शरीर एवं अन्य बीमारियों की मौजूदगी से इस बड़ी सर्जरी में रिस्क और बढ़ जाती है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में एओर्टिक स्टीनोंसिस के मरीजों के लिए टावर (ट्रान्स कैथेटर एऔर्टिक वॉल्व रिप्लेसमेन्ट) पद्धति वरदान साबित हुई है। इसमें जांघ की खून की नस में एक छोटे छेद से तार डालकर हृदय तक पहुंचाया जाता है। तार पर नया टिशू वॉल्व चढ़ाकर उसे सुकड़े एओर्टिक वॉल्व की जगह पर गुब्बारे द्वारा फुला दिया जाता है। यह पद्धति मरीज के लिए अत्यंत सुविधाजनक होती है, क्योंकि इसमें कोई चीर-फाड़ नहीं होती एवं मरीज को बेहोश नहीं करना पड़ता। पद्धति एक-दो घंटे में हो जाती है। करीब दो दिन में अस्पताल से छुट्टी हो जाती है।
अपोलो सेज हॉस्पिटल्स के हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका में अब एओर्टिक स्टीनांसिस का इलाज अधिकतर केस में टावर पद्धति से हो रहा है। वे हाल ही में न्यूयार्क, अमेरिका के माऊंट सिनाई हॉस्पिटल से टावर एवं एडवांस कार्डियोवेस्कुलर इंटरनेन्शन्स में एक साल की फैलोशिप करके लौटे हैं। उनके अनुसार टावर अधिक सुविधाजनक और कम रिस्की है।
नियमित जांच कराएं (Get Regular Checkups)
विगत कुछ वर्षों से हार्ट संबंधी बीमारी या अटैक के केस तेजी से बढ़े हैं। युवा वर्ग भी इससे ग्रसित हो रहा है। हालांकि अपने हार्ट का नियमित चेकअप कराने से किसी भी तरह के संभावित खतरे से बचा आ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अपोलो सेज हॉस्पिटल्स में आर्टिफिशियल इनेबल्ड कार्डियक हेल्थ चेक के पैकेज उपलब्ध कराए गए हैं।
नवीनतम तकनीक से परिपूर्ण कार्डियोलॉजी सुविधाएं (Cardiology Facilities Equipped with The Latest Technology)
- कार्डियक कैथीटेराइजेशन (Cath Lab) 24X7 इमरजेंसी सर्विस
- कोरोनरी एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी
- IVUS, IVL, FFR, Rotablation आदि तकनीकों से समृद्ध आधुनिक एंजियोप्लास्टी
- पेरिफेरल एंजियोग्राफी एवं एंजियोप्लास्टी
- बैलून वल्चुलोप्लास्टी (BMV, SPV, BAV)
- डिवाइस क्लोजर ASD, VSD, PDA
- पेसमेकर इम्प्लांटेशन / AICD/CRT
- इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी (EP) स्टडी एवं RFA
- TAVI तकनीक
हृदय शल्य चिकित्सा इंस्टिट्यूट की सर्विसेस (Services of the Heart Surgery Institute)
- कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्ट (CABG Surgery)
- सिंपल और कॉम्प्लेक्स जन्मजात हार्ट डिजीज का सम्पूर्ण इलाज
- हार्ट वाल्व सर्जरी
- मिनिमली इन्वेसिव कार्डियक सर्जरी (एमआईसीएस)
- टोटल आर्टीरियल ग्राफ्टिंग
- बीटिंग हार्ट सर्जरी
- हृदय वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी
- एओर्टिक एन्यूरिज्म रिपेयर सर्जरी
- पेरिफेरल वैस्कुलर सर्जरी
- पीडियाट्रिक हार्ट सर्जरी (दिल में छेद का इलाज)
विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं (World Class Healthcare Services)
- 350+ बेड का मल्टी स्पेशियलिस्ट हॉस्पिटल
- 100+ क्रिटिकल केयर बेड
- 09 अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर
- एडवांस एमआरआई और सीटी स्कैन
- पैक्स पाइप डायलिसिस
इन सारे बीमारियों का त्वरित इलाज अपोलो सेज में संभव (Quick treatment of all these diseases is possible at Apollo Sage)
- एक्सिडेंट एंड ट्रॉमा
- पॉइजनिंग
- ब्रेन स्ट्रोक
- अस्थमा
- किडनी फेलियर
- हार्ट अटैक
- नवजात एंड पीडियाट्रिक ट्रॉमा इमरजेंसी
- एब्टोमिनल इमरजेंसी
- हार्ट फेलियर
- न्यूरोलॉजी
- बोन एंड ज्वाइंट्स
- किडनी
- यूरो
- पेट एंड लीवर
- मदर
- चाईल्ड
अपोलो सेज हॉस्पिटल के अनुभवी चिकित्सक, जिन्हें वर्षों का अनुभव (कार्डियो स्पेशलिस्ट) (Experienced doctors from Apollo Sage Hospital with years of experience (Cardio Specialist)
- 1.डॉक्टर किसलय श्रीवास्तव
15 सालों का अनुभव
योग्यता- एमडी, डीएनबी
- 2. डॉक्टर गौरव खंडेलवाल
9 सालों का अनुभव
योग्यता-डीएम, एफएसीसी, एफसीएआई, एफआईसी (यूएसए) से मान्यता प्राप्त
कार्डियक अरेस्ट क्या है?
कार्डिएक अरेस्ट एक चिकित्सीय आपातकालीन स्थिति होती है, जिसमें व्यक्ति का दिल अचानक से धड़कना बंद कर देता है। इसलिए इसे मेडिकल भाषा में सडन कार्डियक अरेस्ट भी कहते हैं। ऐसे में इस परिस्थिति में मस्तिष्क और अन्य अंगों को रक्त की आपूर्ति में कमी होने पर अगर तुरंत इलाज नहीं किया जाता है, तो व्यक्ति होश खो सकता है, विकलांग हो सकता है, या गंभीर स्थिति में उसकी मृत्यु भी हो सकती है। जब हृदय अचानक और अप्रत्याशित रूप से शरीर में रक्त पंप करना बंद कर देता है, तो व्यक्ति में कार्डियक अरेस्ट होता है। यदि ऐसा होता है, तो मस्तिष्क और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों को रक्त की आपूर्ति रुक जाती है। कुछ आर्रीथमिया ((या ह्रदय की असामन्य धड़कन वाले रोग) जो हृदय को रक्त पंप करने से रोकते हैं, कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकते हैं।
Table Content
- कार्डिएक अरेस्ट के कारण
- कार्डिएक अरेस्ट का पता कैसे करें?
- कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में क्या अंतर होता है?
- कार्डिएक अरेस्ट की स्थिति में क्या करें?
- कार्डियक अरेस्ट और हार्ट फेलियर के कारण
- कार्डियक अरेस्ट और हार्ट फेलियर के इलाज में अंतर
- कार्डियक अरेस्ट से तुरंत पहले शरीर में दिखते हैं ये लक्षण
- कार्डियक अरेस्ट के लक्षण महिला और पुरूष में अलग-अलग
- अरेस्ट के बाद लाइफ स्टाइफल में लाए ये बदलाव
कार्डिएक अरेस्ट के कारण (Causes of Cardiac Arrest)
कार्डिएक अरेस्ट कई बार ह्रदय की लंबी बीमारियों के कारण या बिना किसी चेतावनी के हो सकता है। कार्डिएक अरेस्ट के कुछ कारण निम्न हैं:
आर्रीथमिया और वेंट्रिक्यूलर फ़ीबरिलेशन (Arrhythmia and ventricular fibrillation)
आर्रीथमिया में ह्रदय के विद्युत संकेत खराब हो जाते हैं जिसके फलस्वरूप दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है। कार्डिएक अरेस्ट का सबसे आम कारण वेंट्रिकुलर फाइब्रिलेशन नामक आर्रीथमिया होता है। वेंट्रिकुलर फाइब्रिलेशन में दिल की तेज़ धड़कन के कारण कार्डियक अरेस्ट हो सकता है।
दिल का आकार बढ़ना या कार्डियोमायोपैथी (Heart enlargement or cardiomyopathy)
इस स्थिति में हृदय की मांसपेशी फैलती या मोटी हो जाती है, जिससे हृदय का असामान्य संकुचन होता है।
कोरोनरी आर्टरी डिजीस (Coronary artery disease)
जब कोरोनरी धमनियों में प्लाक जमा होने लग जाता है तो वे मोटी और संकीर्ण हो जाती है जिससे हृदय में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। कोरोनरी धमनी की बीमारी हार्ट फेलियर या आर्रीथमिया का कारण बन सकती है, यदि इनका समय पर उपचार ना किया जाए तो दोनों कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकती है।
कार्डिएक अरेस्ट के अन्य कारण निम्न हो सकते हैं:
- रक्त की असमान्य हानि
- वाल्वुलर हृदय रोग
- ऑक्सीजन की कमी
- मैग्नीशियम और पोटेशियम के स्तर में वृद्धि होना
कार्डिएक अरेस्ट का पता कैसे करें? (How to detect cardiac arrest?)
यदि कोई व्यक्ति निम्नलिखित में से कोई भी लक्षण महसूस कर रहा है तो वह कार्डियक अरेस्ट से गुजर रहा हो सकता है। हालांकि, कई बार कार्डियक अरेस्ट के दौरान व्यक्ति को कोई संकेत या लक्षण अनुभव नहीं होते हैं। कार्डियक अरेस्ट के सामान्य लक्षणों में कुछ शामिल लक्षण निम्न हैं:
- अचानक चेतना खोना
- अचानक गिर जाना या बेहोश हो जाना
- अगर व्यक्ति को सांस लेने में दिक़्क़त हो रही है, या वह असमान्य रूप से सांस ले रहा है, या हवा के लिए हांफ रहा हो।
- अगर व्यक्ति हिलाने या चिल्लाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है
- अगर कोई पल्स नहीं है
- थकान
- चक्कर आना
- सांस लेने में कठिनाई होना
- जी मिचलान
- छाती में दर्द
- पल्पिटेशन ( तेज़ दिल की धड़कन)
- होश खोना
कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में क्या अंतर होता है? (What is the difference between cardiac arrest and heart attack?)
दिल का दौरा (हार्ट अटैक) और कार्डियक अरेस्ट दो अलग-अलग प्रकार के हृदय विकार हैं, भले ही इन दोनों को अक्सर समानार्थक रूप से उपयोग किया जाता है। धमनियों में रुकावट की वजह से हृदय के रक्त के प्रवाह में रुकावट आती है, जो हार्ट अटैक आने का कारण बनती है। ऑक्सीजन और रक्त के प्रवाह की कमी के कारण हृदय की मांसपेशियों के टीशू खराब होने लग जाते हैं, क्योंकि दिल के दौरे दिल में विद्युत संकेतों पर असर डाल सकते हैं, दिल के दौरे कार्डियक अरेस्ट के जोखिम को और बढ़ा सकते हैं। यह अधिक संभावना है कि दिल का दौरा जब अचानक से होता है और व्यक्ति में पहले से कोई दिल की बीमारी नहीं होती है, तो कार्डियक अरेस्ट हो सकता है।
कार्डिएक अरेस्ट की स्थिति में क्या करें? (What to do in case of cardiac arrest?)
कार्डिएक अरेस्ट की स्थिति में, सबसे महत्वपूर्ण होता है कि आपातकालीन सेवाओं को तुरंत फ़ोन करना और मरीज़ को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) देना होता है। कार्डिएक अरेस्ट एक चिकित्सा आपातक़ालीन स्थिति होती है जिसका अगर तुरंत उपचार ना किया जाये तो व्यक्ति की जान को भी ख़तरा हो सकता है। सीपीआर या कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन एक ऐसी तकनीक है जिसमें बचाव के लिए कृत्रिम सांस देने के साथ-साथ छाती को हाथों की सहायता से संकुचित किया जाता है। यह तकनीक फेफड़ों में आवश्यक ऑक्सीजन पहुंचाता है और ऑक्सीजन युक्त रक्त को शरीर में तब तक प्रसारित करता है जब तक कि श्वास और दिल की धड़कन सामान्य नहीं हो जाती। सीपीआर करने का तरीका सीखने से आप दूसरों की जान बचाने में मदद कर सकते हैं। एक चिकित्सक आपातकालीन टीम कार्डिएक अरेस्ट की स्थिति में अकेले कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) या इसके साथ डीफिब्रिलेशन का उपयोग कर सकते है। डिफिब्रिलेटर नामक उपकरण द्वारा डॉक्टर छाती की दीवार के माध्यम से बिजली के झटके को ह्रदय तक प्रसारित करता है, जिससे वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन की स्थिति में फ़ायदा मिलता है।
कार्डियक अरेस्ट और हार्ट फेलियर के कारण (Causes of cardiac arrest and heart failure)
इन दोनों स्थितियों के ट्रिगर्स में भी अंतर होता है। कार्डियक अरेस्ट तब होता है, जब दिल अचानक से धड़कना बंद कर देता है, वहीं हार्ट फेलियर तब होता है, जब हार्ट खून को पूरी तरह से पंप नहीं कर पाता है। कार्डियक अरेस्ट के कारण अलग-अलग होते हैं, जिनमें कोई अन्य बीमारी, जैसे कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़, एरिथमिया, या कॉन्जेनिटल हार्ट डिफेक्ट शामिल हो सकते हैं। दूसरी तरफ, हार्ट फेलियर अन्य कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों के कारण हो सकता है, जिनसे समय के साथ हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इन बीमारियों में उच्च रक्तचाप, वॉल्व का खराब होना, और मायोकार्डिटिस या एंडोकार्डिटिस जैसे संक्रमण शामिल हो सकते हैं।
कार्डियक अरेस्ट और हार्ट फेलियर के इलाज में अंतर (Difference in the treatment of cardiac arrest and heart failure)
कार्डियक अरेस्ट पड़ने पर समय सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आपातकाल की स्थिति में कार्डियोपल्मोनरी रिसस्टिेशन (सीपीआर) और डिफाईब्रिलेशन का दिया जाना बहुत जरूरी है, ताकि चिकित्सा मदद मिलने तक शरीर में खून बहता रहे। डिफाईब्रिलेशन में हृदय की धड़कन को फिर से सामान्य करने के लिए बिजली का झटका दिया जाता है। इसके विपरीत हार्ट फेलियर के इलाज में दवाईयों के साथ जीवनशैली का परिवर्तन शामिल है। जीवनशैली के परिवर्तनों में नमक खाना कम करना, नियमित व्यायाम करना, धूम्रपान का त्याग, और मदिरा सेवन न करना शामिल है। इसके लिए शरीर में पानी को जमने से रोकने के लिए डाईयूरेटिक्स या रक्तचाप कम करने के लिए बीटा ब्लॉकर्स दिए जा सकते हैं।
कार्डियक अरेस्ट से तुरंत पहले शरीर में दिखते हैं ये लक्षण (These symptoms are seen in the body immediately before cardiac arrest)
जर्नल लैंसेट डिजिटल हेल्थ सर्वे में पब्लिश एक स्टडी में हिस्सा लेने वाले 50 पर्सेंट लोगों ने कहा कि उन्होंने कार्डियक अरेस्ट से कुछ घंटे पहले शरीर में कुछ बदलाव महसूस किए थे। महिलाओं ने सांस की तकलीफ महसूस की थी, जबकि पुरुषों ने सीने में दर्द का अनुभव किया था।
कैलिफोर्निया के वेंचुरा काउंटी में स्थित बहु-जातीय समुदायों पर प्रेस्टो स्टडी की गई थी, जबकि ओरेगॉन के पोर्टलैंड में स्थित ओरेगॉन की अचानक मौत पर एसयूडीएस स्टडी की गई। सडन कार्डियक अरेस्ट एक्सपर्ट ने कहा कि हमने 22 वर्ष पहले SUDS स्टडी शुरू की थी, जबकि 8 साल पहले प्रेस्टो स्टडी स्टार्ट की थी।
कार्डियक अरेस्ट के लक्षण महिला और पुरूष में अलग-अलग (Symptoms of cardiac arrest are different in men and women)
कार्डियक अरेस्ट एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें व्यक्ति का दिल अचानक काम करना या धड़कना बंद कर देता है. इस स्थिति में अगर किसी व्यक्ति को तुरंत इलाज न मिले तो उसकी मौत भी हो सकती है। एक्सपर्ट का कहना है कि इस साइलेंट किलर बीमारी के लक्षण महिलाओं और पुरुषों में एक जैसे नहीं होते। उनका यह भी कहना है कि कार्डियक अरेस्ट से पीड़ित कुछ लोगों में लक्षण 24 घंटे पहले से ही दिखाई देना शुरू हो जाते हैं।
एक स्टडी के मुताबिक, कार्डियक अरेस्ट के लक्षण पुरुष और महिलाओं में अलग-अलग होते हैं। कार्डियक अरेस्ट दिल के लिए सबसे खतरनाक स्थिति मानी जाती है, जिसकी वजह से अधिकतर लोगों को इलाज मिलने से पहले ही अपनी जान गंवानी पड़ जाती है।
अमेरिका में सीडर्स सिनाई मेडिकल सेंटर के स्मिड्ट हार्ट इंस्टीट्यूट की एक नई रिसर्च के मुताबिक, कार्डियक अरेस्ट से एक दिन पहले महिलाओं और पुरुषों में कुछ संकेत देखने को मिलते हैं, जैसे महिलाओं को सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है, जबकि पुरुषों को सीने में दर्द की समस्या होती है।
अरेस्ट के बाद लाइफ स्टाइफल में लाए बदलाव (Changes in lifestyle after arrest)
1. आहार - (Diet)
कार्डियक अरेस्ट से बचाव के लिए स्वस्थ आहार लें जिसमें कोलेस्ट्रॉल, वसा और नमक कम हो और जिसमें फल, सब्ज़ियां और साबुत अनाज हों। कैलोरी सेवन पर भी नज़र रखें।
2. व्यायाम - (Exercise)
व्यायाम - कार्डियोवैस्कुलर व्यायाम आपके दिल को मजबूत कर सकता है, स्वस्थ शरीर का वजन बनाए रखने में मदद कर सकता है, आपके रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है, तनाव को दूर कर सकता है और आपके मूड को बेहतर बना सकता है। पैदल चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना या तैरना आपके स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है। हालांकि, यह सुनिश्चित करने के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करना सुनिश्चित करें कि आखिर कौन सी गतिविधि का स्तर उपयुक्त है।
3. सामना - (Struggle)
कार्डियक अरेस्ट पड़ने के बाद कई तरह की भावनाओं का अनुभव होना सामान्य है, जिसमें अवसाद और चिंता शामिल है। सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखना ठीक होने और अपने समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। किसी भी भावनात्मक या मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंता के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करने में कभी संकोच न करें।
4. धूम्रपान छोड़ना - (Quitting smoking)
आपको धूम्रपान नहीं करना चाहिए। धूम्रपान के कारण कार्डिक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है। अगर आपको धूम्रपान छोड़ने में मदद की ज़रूरत है, तो धूम्रपान बंद करने के कार्यक्रमों और दवाओं के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। ये हमेशा के लिए धूम्रपान छोड़ने की संभावना बढ़ा सकते हैं।
समस्या से संबंधित सवाल-जवाब
1. जब कोई व्यक्ति कार्डियक अरेस्ट में जाता है, तो सीपीआर कैसे मदद करता है?
अगर कोई किशोर या वयस्क कार्डियक अरेस्ट में है, तो 911 पर कॉल करें और आपातकालीन सहायता आने तक छाती को दबाएं। इसे "केवल हाथों से सीपीआर" कहा जाता है। अरेस्ट के दौरान मरीज के शरीर में ऑक्सीजन वितरित करें। यह कार्डियक अरेस्ट में किसी व्यक्ति की मदद कर सकता है जब तक कि सीपीआर प्रशिक्षण वाला कोई व्यक्ति न आ जाए।
2. हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट में क्या अंतर है?
दिल के दौरे को अक्सर "प्लम्बिंग" समस्या के रूप में देखा जाता है, क्योंकि हृदय में रक्त का प्रवाह बाधित होता है, जिससे हृदय के ऊतक मर जाते हैं। दूसरी ओर, कार्डियक अरेस्ट, आमतौर पर हृदय के अंदर एक विद्युत खराबी है, जो अनियमित दिल की धड़कन को ट्रिगर करता है, जिससे हृदय धड़कना बंद हो सकता है।
3.कौन सी चीजें कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकती हैं?
आपके शरीर पर गंभीर तनाव पैदा करने वाली कोई भी चीज़ कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकती है। इसमें आघात, बिजली का झटका या बहुत ज़्यादा खून बहना शामिल हो सकता है। कोकीन या एम्फेटामाइन जैसी कुछ दवाओं के उपयोग से भी हृदयाघात का खतरा बढ़ जाता है।
4. CPR का दूसरा नाम क्या है?
सीपीआर का मतलब है कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन। यह एक जीवन रक्षक कौशल है, जिसका उपयोग आपातकालीन स्थितियों में किया जा सकता है जब किसी की सांस रुक गई हो या उसका दिल रुक गया हो, जैसे कि कार्डियक अरेस्ट।
5. कार्डियो का क्या अर्थ है?
कार्डियो का मतलब है कार्डियोवैस्कुलर ट्रेनिंग। यह एक तरह का व्यायाम है, जिससे हृदय गति बढ़ती है। कार्डियो को एरोबिक व्यायाम भी कहा जाता है। कार्डियो व्यायाम से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।
अपोलो सेज हॉस्पिटल के बारे में
अपोलो सेज हॉस्पिटल एक मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल है और भोपाल से लेकर विश्व स्तर तक के रोगियों और उनके परिवारों द्वारा भरोसेमंद अग्रणी, प्रतिष्ठित और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में से एक है। यहां सामान्य चिकित्सा, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, आर्थोपेडिक्स, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, यूरोलॉजी, लिवर ट्रांसप्लांट, बोन मेरो ट्रांसप्लांटेशन, नेफ्रोलॉजी, गायनोकोलॉजी, ऑप्थेल्मोलॉजी और अन्य सभी चिकित्सकीय विभाग बने हुए हैं। जिसकी सुविधाओं की जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है। अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं और तकनीक से लैस है। यहां अत्यधिक योग्य और अनुभवी डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों की एक टीम है जो रोगी की चौबीसों घंटे देखभाल करने के तैयार रहते हैं।

