DO NOT IGNORE THESE SYMPTOMS OF KIDNEY RELATED PROBLEMS MAY INCREASE
इन लक्षणों को ना करें नजरअंदाज, बढ़ सकती हैं किडनी संबंधी समस्याएं
किडनी हमारे शरीर का एक अभिन्न अंग है। हमारा पूरा स्वास्थ्य किडनी कंट्रोल पर निर्भर है। किडनी के संयमित रहने पर स्वाभिवक ही हम कई तरह के अन्य रोगों से सुरक्षित हो जाते हैं। किडनी हमारे ब्लड को फिल्टर करती है, बॉडी के अपशिष्ट पदार्थों को निकालती है साथ ही शरीर के कैमिकल कंट्रोल को बनाए रखने का काम करती है। जो किडनी हमारे स्वास्थ्य का इतना अभिन्न अंग है, क्या हम भी अपने इस अंग का उचित ध्यान रखते हैं ? आम लोगों का जवाब अक्सर नहीं होगा। जबकि हमें किडनी की सबसे ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत होती है। बहुत से ऐसे आम लक्षण हैं, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज करते हैं और जाने-अनजाने किडनी के रोग को अपने शरीर में निमंत्रण दे बैठते हैं। शरीर में अक्सर होने वाले कुछ लक्षणों पर ध्यान दें। अगर समस्या लगातार हो रही हो तो किडनी रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें और अपनी परेशानी से मुक्ति पाएं।
किडनी संबंधित परेशानियों पर लिखा यह ब्लॉग आपको बताएगा कि कैसे किडनी की सुरक्षा करें? क्या खाएं, किन खानों को खाने से बचें, किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें, कैसे अपने शरीर के महत्वपूर्ण अंग को पूरी तरह से सुरक्षित रखें।
- -किडनी कार्य?
- -शुरुआती लक्षण?
- -कैसे करें किडनी स्वास्थ्य में सुधार?
- -निष्कर्ष
क्यों है किडनी इतनी महत्वपूर्ण?
इसमें कोई शक नहीं कि किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह रक्त के अपशिष्ट उत्पादों के साथ ही अतिरिक्त फ्लूइड को फिल्टर करने में मदद करती है। अक्सर किडनी से संबंधित सारी परेशानियों के लक्षण पर हम दूसरे स्टेज में ध्यान देते हैं। जबकि अगर शुरुआती लक्षण पर ध्यान दे दिया जाए तो कई बड़ी मुसीबतों से खुद को बचाया जा सकता है। प्रारंभिक स्टेज में किडनी से संबंधित लक्षणों को पहचाने और भविष्य में होने वाली समस्याओं से खुद को बचाएं। यह सबसे महत्वपूर्ण काम है। वक्त रहते लक्षण का पता लगाकर, विशेषज्ञ से उपचार का सही परामर्श ले लें, ताकि आगे आने वाली समस्याओं से आसानी से बचा जा सके।
किडनी परेशानी के प्रारंभिक लक्षण
नेफ्रोपैथी किडनी डैमेज एक ऐसी समस्या जो पूरे शरीर को तोड़ कर रख देती है। इस परेशानी की कोई उम्र सीमा नहीं। हर उम्र के लोग इस समस्या से जूझ सकते हैं। शुरुआती लक्षण को पहचानें और डॉक्टर्स से उचित सलाह लेकर इस समस्या से खुद को सुरक्षित करें।
ऐसे संकेत जो किडनी परेशानी के शुरुआत लक्षण हैं-
यूरिन से संबंधित समस्या
किडनी से संबंधित परेशानी में सबसे पहले यूरिन निष्कासन पर प्रभाव पड़ता है। यूरिन की समस्या से संबंधित प्रारंभिक संकेत कुछ ऐसे हैं:
- -शरीर से यूरिन का कम पास होना
- -यूरिन में झाग आना
- -यूरिन में रक्त आना
- -यूरिन करते समय दर्द का एहसास
1. कमजोरी महसूस होना
किडनी जैसे ही प्रभावित होती है अपशिष्ट उत्पाद, विषाक्त पदार्थ शरीर में जमा होते चले जाते हैं, जिससे थकान व कमजोरी महसूस होने लगती है। साथ ही एनीमिया और रेड ब्लड सेल का कमना शुरु हो जाता है, जो थकान और कमजोरी का सबसे बड़ा कारण है।
2. सांस लेने में तकलीफ
किडनी में परेशानी होने से लंग्स में फ्लूफ जमा होना सामान्य सी बात है, जिससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है।
3. हाई ब्लड प्रेशर
हाई ब्लड प्रेशर होना किडनी की समस्या के संकेत हो सकते हैं। किडनी ब्लड वेसल्स और फ्लूइड बैलेंस को कंट्रोल करने वाले हार्मोन का उत्पादन करके ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है, इसलिए उच्च रक्तचाप को किडनी स्वास्थ्य के लिए कंट्रोल में रखना जरुरी है।
4. भूख में कमी, लो वेट
किडनी की समस्या होने पर सबसे पहले भूख लगना कम हो जाता है, जिससे स्वाभिवक ही वजन घटने लगती है। ब्लड में अपशिष्ट उत्पादों के जमाव के कारण यह परेशानी उत्पन्न होती है।
5. पैर और पीठ में गंभीर खुजली के लक्षण
ब्लड में अपशिष्ट उत्पादों के निर्माण से पैर और पीठ में बहुत ज्यादा खुजली की परेशानी होने लगती है।
6. कंसंट्रेशन में परेशानी
शरीर में किडनी की समस्या होने पर एकाग्रता में कमी होने लगती है। विषाक्त पदार्थों का निर्माण बॉडी एक्टिविटीज को प्रभावित करती है, जिससे ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और चीजों को याद रखना भी आसान नहीं रह जाता। ये सारे लक्षण किडनी की बीमारी की गंभीरता के आधार पर हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं।
कैसे करें किडनी स्वास्थ्य में सुधार?
शरीर को पूरी तरह से स्वस्थ्य रखने के लिए किडनी को हेल्दी बनाए रखना बहुत जरुरी है। किडनी अपशिष्ट उत्पादों को फिल्टर करती है। हार्मोन का उत्पादन करती है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखती है। इन नियमों को अपनाकर किडनी को स्वस्थ्य रखा जा सकता है:-
- 1. हाइड्रेटेड रहना महत्वपूर्ण
किडनी को हेल्दी बनाए रखने के लिए शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखना बहुत जरुरी है। समय-समय पर उचित मात्रा में शरीर में पानी की मात्रा को बढ़ाते रहें। सही मात्रा में पानी का उपयोग किडनी को अपशिष्ट उत्पादों को फ्लश करने और उचित फ्लूइड कंट्रोल करने में मददगार साबित होता है। प्रतिदिन करीब 8 कप पानी पीने की सलाह किडनी की समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को दी जाती । हालांकि अलग-अलग लोगों की फिजीकली एक्टिविटीज के आधार पर पानी के उपयोग की जरुरतें अलग-अलग हो सकती हैं।
- 2. बैलेंस डाइट
किडनी को स्वस्थ्य बनाए रखने के लिए बैलेंस डाइट बहुत जरुरी है। सब्जी, फल, अनाज, प्रोटीन और हेल्दी फैट जैसे विभिन्न पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल कर किडनी संबंधित हर रोग से बचा जा सकता है। अधिक नमक, ज्यादा चीनी और सैचुरेटेड फैट का सेवन कंट्रोल में करना भी आवश्यक है। वजन कंट्रोल में रहने पर किडनी संबंधित आधी परेशानियां दूर हो जाती हैं।
- 3. रेगुलर एक्सरसाइज
रेगुलर फिजीकल एक्टीविटीज किडनी के साथ- साथ पूरे बॉडी को हेल्दी रखने में मदद करती है। रेगुलर एक्सरसाइज हार्ट की फिटनेस बनाए रखता है। ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है और बीमारियों के जोखिम को कम करता है। कम से कम 150 मिनट की एरोबिक एक्सरसाइज या हर हफ्ते 75 मिनट की कोई भी तेज शारीरिक एक्टीविटीज किडनी को स्वस्थ्य बनाए रखने में मदद करती है।
- 4. बचें ध्रूमपान व शराब के सेवन से
धूम्रपान ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता है और किडनी के रेगुलर फंक्शन को प्रभावित करता है। किडनी को स्वस्थ्य बनाए रखने के लिए शराब के सेवन से जितना दूर रहा जाए उतना बढ़िया। अधिक शराब का सेवन किडनी पर नकारात्मक असर डालता है। यही वजह है कि डॉक्टर अक्सर यह सलाह देते हैं कि शराब का सेवन कम मात्रा में करें या इससे पूरी तरह परहेज करें।
- 5. ब्लड प्रेशर को करें मॉनिटर
हाई ब्लड प्रेशर किडनी में ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाने का काम करता है। किडनी फंक्शन पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए ब्लड प्रेशर को नियमित रूप से मॉनिटरिंग करना आवश्यक है। जीवन शैली में बदलाव कर शरीर के ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है। रेगुलर एक्सरसाइज, कम सोडियम युक्त खान-पान की सलाह अक्सर डॉक्टर इस परेशानी के दौरान मरीजों को देते हैं।
- 6. नियमित जांच, किडनी कंट्रोल की देखरेख में हेल्पफुल
रेगुलर हेल्थ चेकअप किडनी के फंक्शन को मॉनिटर करने और पहले स्टेज में किसी भी संभावित समस्या का पता लगाने के लिए जांच कराएं। रेगुलर ब्लड प्रेशर की जांच, किडनी के फंक्शन को सही से भांपने के लिए रक्त परीक्षण (जैसे सीरम क्रिएटिनिन और ग्लोमेरुलर ) प्रोटीन और अन्य परेशानियों की सही टेस्ट लिए यूरिन टेस्ट सबसे बढ़कर है। साथ ही हेल्दी हैबिट्स और लाइफ स्टाइल विकल्पों को अपनाने से किडनी को हेल्दी किया जा सकता है और किडनी की बीमारी या परेशानियों के जोखिम को कम किया जा सकता है।
निष्कर्ष
किडनी को हेल्दी बनाए रखने के लिए बैलेंस डाइट, शरीर में पानी की उचित मात्रा, रेगुलर एक्सरसाइज अच्छी लाइफ स्टाइल को अपनी नियमित आदतों में शामिल किया जा सकता है। किडनी के अनुकूल डाइट जैसे कम सोडियम की मात्रा, कंट्रोल प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व जिससे किडनी स्वस्थ रह सके।
डॉक्टर्स के द्वारा बताई गईं दवाएं और ट्रीटमेंट्स के साथ-साथ ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर के लेवल और किडनी के फंक्शन की रेगुलर मॉनिटरिंग किडनी से पीड़ित रोगियों के लिए जरुरी है। धूम्रपान से परहेज, शराब के सेवन को सीमित कर और वजन को कंट्रोल कर बिगड़ते किडनी के स्वास्थ्य को सही किया जा सकता है। इसके अलावा, किडनी की बीमारी के संबंध में किसी भी चिकित्सकीय परामर्श के लिए, आप मध्य प्रदेश के सबसे अच्छे स्वास्थ्य केंद्र अपोलो सेज अस्पताल के, भोपाल के नेफ्रोलॉजी विभाग में संपर्क कर जांच करवा सकते हैं। यहां हर चिकित्सकीय सुविधा उचित दर पर उपलब्ध है।
समस्या से जुड़े सवाल
1. किडनी रोग वाले किसी व्यक्ति की सहायता कैसे की जा सकती है?
किडनी रोगियों की मदद भावनात्मक तरीके से उन्हें सहारा देकर की जा सकती है। दवा प्रबंधन में सहायता करना, स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करें। यदि संभव हो तो सही डाइट लेने के लिए उनके एक लिए डाइट चार्ट बना दें। उन्हें समय-समय पर बनाए गए डाइट चार्ट के फोलो करने के लिए जागरुक करते रहें और हर वक्त उनके आत्मविश्वास को बनाए रखना आप अपनी प्राथमिकता में शामिल कर सकते हैं।
2. किडनी के शुरुआती लक्षणों के बारे में बताएं?
किडनी रोग के शुरुआती लक्षणों में यूरिन में बदलाव शामिल होते हैं, जैसे कि यूरिन उत्पादन में कमी, झाग या खून आना, पेशाब के दौरान कठिनाई या दर्द, पैरों, एड़ियों या चेहरे में सूजन, थकान, कमज़ोरी, लगातार खुजली, उच्च रक्तचाप, और भूख या वज़न घटना ये सारे उपर्युक्त लक्षण समस्या के शुरूआती लक्षण हैं। इसे नजरअंदाज न करें। हालांकि, कुछ मामलों में, किडनी रोग के शुरुआती चरणों में कोई ध्यान देने योग्य लक्षण नहीं होते इसलिए समय-समय पर समस्या से संबंधित स्क्रीनिंग और टेस्टिंग करवाते रहें।
अपोलो सेज हॉस्पिटल के बारे में
अपोलो सेज हॉस्पिटल एक मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल है और भोपाल से लेकर विश्व स्तर तक के रोगियों और उनके परिवारों द्वारा भरोसेमंद अग्रणी, प्रतिष्ठित और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में से एक है। यहां कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, आर्थोपेडिक्स, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, यूरोलॉजी, लिवर ट्रांसप्लांट, बोन मेरो ट्रांसप्लांटेशन, नेफ्रोलॉजी, गायनोकोलॉजी और अन्य सभी चिकित्सकीय विभाग बने हुए हैं। जिसकी सुविधाओं की जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है। अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं और तकनीक से लैस है। यहां अत्यधिक योग्य और अनुभवी डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों की एक टीम है जो रोगी की चौबीसों घंटे देखभाल करने के तैयार रहते हैं।

